26 जून का दिन भारतीय इतिहास में एक प्रेरणादायक अवसर है। आज हम महान समाज सुधारक, प्रगतिशील शासक और सामाजिक न्याय के अग्रदूत छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती मना रहे हैं।
छत्रपति शाहू जी महाराज ने अपने शासनकाल में शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए। वे भारत में सामाजिक आरक्षण लागू करने वाले अग्रणी शासकों में से एक थे और उनका उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्रदान करना था।
उनका मानना था कि “शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है।” इसी विचार के साथ उन्होंने गरीब एवं पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, छात्रवृत्ति तथा निःशुल्क शिक्षा जैसी अनेक योजनाएँ प्रारंभ कीं।
आज उनके विचार पहले से भी अधिक प्रासंगिक हैं। यदि हम एक समतामूलक, शिक्षित और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण करना चाहते हैं, तो हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना होगा।
छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
जय भीम | जय संविधान | जय भारत





